Shamika Ravi Becomes The Country Most Trusted Covid Calculator, Know All About Them – देश की सबसे भरोसेमंद ‘कोविड कैलकुलेटर’ बनीं शमिका रवि, जानिए इनके बारे में

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 May 2020 08:48 AM IST

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देश में कोरोना वायरस ने जब महामारी का रूप धारण करना शुरू किया तो, सवाल उठने लगे कि भारत में इस वायरस का प्रभाव कितना होगा और कब तक ये प्रकोप अपने चरम सीमा तक पहुंचेगा। इन सब चीजों को लेकर ढेर सारा डाटा सामने आने लगा। 

ऐसे में, वाशिंगटन के थिंक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूट के भारत केंद्र में रिसर्च की पूर्व निदेशक रह चुकीं शमिका रवि ने इन सभी सूचनाओं और डाटा को समझने और विश्लेषण करने की शुरुआत की। शमिका के ट्विटर अकाउंट को कोविड-19 के बारे में सूचना देने वाले भरोसेमंद अकाउंट के रूप में नामित किया गया है। 

शमिका पिछले दो महीने से कोरोना वायरस से जुड़े डाटा का विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही वह सरलता से इसके महत्वपूर्ण पहलू समझाने के काम में लगी हुई हैं। ट्विटर पर शमिका को 85 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वह दिन भर में 10 के करीब ट्वीट कर इस महामारी से संबंधित जानकारी देती हैं। 

9 से 5 बजे वाली नौकरी की मानसिकता नहीं होनी चाहिए
शमिका से जब उनके काम को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस कार्य को करने के लिए आपके भीतर 9 से 5 बजे तक की नौकरी वाली मानसिकता नहीं होनी चाहिए। आप एक तरीके से लोगों को कुछ जरूरी सूचनाओं को दे रहे हैं। यह पूरा दिन करने वाला काम है। उन्होंने कहा कि आप को हर समय समस्याओं और शोध में आने वाले मुद्दों पर सोचना पड़ता है। लोग उन्हें कोविड स्टैटिसटिशियन या ‘कोविड कैल्कुलेटर’ भी कहते हैं। 

इस तरह काम करती हैं शमिका
शमिका कोविड-19 से जुड़े हर तरह के डाटा या सूचना का विस्तृत रूप से अध्ययन करती हैं। इसके बाद उसे सारांश के रूप में सरलता से समझाने के लिए काम करती हैं। वह इन सूचनाओं के बारे लोगों को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए ग्राफ और ग्राफिक्स की भी मदद लेती हैं। ‘कोविड कैल्कुलेटर’ मानी जाने वाली शमिका इन सभी डाटा का तुलनात्मक अध्ययन भी करती हैं। सभी सूचनाओं के इकट्ठा हो जाने पर वह इसे ट्वीट करती हैं। इसके अलावा वह एक तय समय पर ही ट्वीट करती हैं। 

इस काम की शुरुआत कैसे हुई?
शमिका ने बताया कि उनके पति और भारतीय सांख्यिकी केंद्र में प्रोफेसर मुदित कपूर के साथ उन्होंने कोविड-19 को लेकर चर्चा की। दोनों के बीच इस बारे में बात हुई कि यह महामारी भारत में किस तरह की परिस्थितियों को लाएगी। शमिका ने मुदित की मदद से इस काम की शुरुआत की। 

ट्विटर ने भरोसेमंद अकाउंट्स की सूची में शमिका का नाम शामिल किया
वहीं, अप्रैल में ट्विटर ने एक सूची जारी कर उन 29 अकाउंट्स के बारे में जानकारी दी, जो दुनियाभर में कोरोना वायरस संकट को लेकर बराबर निगाह बनाए हुए हैं। साथ ही लोगों को यह पुष्ट और बेहतरीन जानकारियां दे रहे हैं। इस सूची में शमिका रवि का नाम भी शुमार था। शमिका के अलावा इस सूची में विज्ञान पत्रकारों से लेकर संक्रामक रोग के विशेषज्ञों तक के ट्विटर अकाउंट शामिल थे। 

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
शमिका ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पीएचडी की हुई है। वह अमेरिका से पढ़ाई करके भारत लौट आईं और फिर अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम करना शुरू किया। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में सदस्य भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह आईएसबी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर भी रही हैं। 

देश में कोरोना वायरस ने जब महामारी का रूप धारण करना शुरू किया तो, सवाल उठने लगे कि भारत में इस वायरस का प्रभाव कितना होगा और कब तक ये प्रकोप अपने चरम सीमा तक पहुंचेगा। इन सब चीजों को लेकर ढेर सारा डाटा सामने आने लगा। 

ऐसे में, वाशिंगटन के थिंक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूट के भारत केंद्र में रिसर्च की पूर्व निदेशक रह चुकीं शमिका रवि ने इन सभी सूचनाओं और डाटा को समझने और विश्लेषण करने की शुरुआत की। शमिका के ट्विटर अकाउंट को कोविड-19 के बारे में सूचना देने वाले भरोसेमंद अकाउंट के रूप में नामित किया गया है। 

शमिका पिछले दो महीने से कोरोना वायरस से जुड़े डाटा का विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही वह सरलता से इसके महत्वपूर्ण पहलू समझाने के काम में लगी हुई हैं। ट्विटर पर शमिका को 85 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वह दिन भर में 10 के करीब ट्वीट कर इस महामारी से संबंधित जानकारी देती हैं। 

9 से 5 बजे वाली नौकरी की मानसिकता नहीं होनी चाहिए
शमिका से जब उनके काम को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस कार्य को करने के लिए आपके भीतर 9 से 5 बजे तक की नौकरी वाली मानसिकता नहीं होनी चाहिए। आप एक तरीके से लोगों को कुछ जरूरी सूचनाओं को दे रहे हैं। यह पूरा दिन करने वाला काम है। उन्होंने कहा कि आप को हर समय समस्याओं और शोध में आने वाले मुद्दों पर सोचना पड़ता है। लोग उन्हें कोविड स्टैटिसटिशियन या ‘कोविड कैल्कुलेटर’ भी कहते हैं। 

इस तरह काम करती हैं शमिका
शमिका कोविड-19 से जुड़े हर तरह के डाटा या सूचना का विस्तृत रूप से अध्ययन करती हैं। इसके बाद उसे सारांश के रूप में सरलता से समझाने के लिए काम करती हैं। वह इन सूचनाओं के बारे लोगों को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए ग्राफ और ग्राफिक्स की भी मदद लेती हैं। ‘कोविड कैल्कुलेटर’ मानी जाने वाली शमिका इन सभी डाटा का तुलनात्मक अध्ययन भी करती हैं। सभी सूचनाओं के इकट्ठा हो जाने पर वह इसे ट्वीट करती हैं। इसके अलावा वह एक तय समय पर ही ट्वीट करती हैं। 

इस काम की शुरुआत कैसे हुई?
शमिका ने बताया कि उनके पति और भारतीय सांख्यिकी केंद्र में प्रोफेसर मुदित कपूर के साथ उन्होंने कोविड-19 को लेकर चर्चा की। दोनों के बीच इस बारे में बात हुई कि यह महामारी भारत में किस तरह की परिस्थितियों को लाएगी। शमिका ने मुदित की मदद से इस काम की शुरुआत की। 

ट्विटर ने भरोसेमंद अकाउंट्स की सूची में शमिका का नाम शामिल किया
वहीं, अप्रैल में ट्विटर ने एक सूची जारी कर उन 29 अकाउंट्स के बारे में जानकारी दी, जो दुनियाभर में कोरोना वायरस संकट को लेकर बराबर निगाह बनाए हुए हैं। साथ ही लोगों को यह पुष्ट और बेहतरीन जानकारियां दे रहे हैं। इस सूची में शमिका रवि का नाम भी शुमार था। शमिका के अलावा इस सूची में विज्ञान पत्रकारों से लेकर संक्रामक रोग के विशेषज्ञों तक के ट्विटर अकाउंट शामिल थे। 

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
शमिका ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पीएचडी की हुई है। वह अमेरिका से पढ़ाई करके भारत लौट आईं और फिर अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम करना शुरू किया। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में सदस्य भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह आईएसबी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर भी रही हैं। 



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