Pmo Will Set Up Special Unit To Catch Fraudsters Of Prime Minister Awas Yojna – प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी करने वाले अब बच नहीं सकेंगे, पीएमओ करेगा विशेष इकाई का गठन

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प्रधानमंत्री आवास योजना
– फोटो : For Refernce Only

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प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ करने वाले अब बच नहीं सकेंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय इसके लिए अलग से विशेष इकाई का गठन कर रहा है।

यह इकाई पीएमएवाई में गड़बड़ी करने वालों को पकड़ेगी। इस इकाई का कार्यकाल दो साल रहेगा, क्योंकि इस योजना के पूरा होने का लक्ष्य 2022 रखा गया है।

31 मार्च 2022 तक देश में करीब 2 करोड़ घर बनाए जाने हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत अभी तक 88 लाख से अधिक आवास को स्वीकृति दी है।

इनमें 50 लाख से अधिक आवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बता दें कि देश के कई हिस्सों में पीएमएवाई को लेकर धोखाधड़ी की अनेक शिकायतें दर्ज हुई हैं।

राज्य प्रशासन ऐसे मामलों में अपने स्तर पर कार्रवाई भी करता है, लेकिन इसके बावजूद ये घटनाएं थम नहीं रही हैं। कई जगहों पर यह भी देखा गया है कि संबंधित एजेंसी ठीक तरह से मामले की जांच नहीं करती।

इसके पीछे उस एजेंसी पर स्थानीय नेताओं का दबाव बताया गया है। यूपी के बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अठिला ग्राम में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित घोटाला हो चुका है।

इस मामले में दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। एटा जनपद में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसों में गोलमाल करने की खबरें सामने आई हैं।

बस्ती जिले में 40 साल पहले मर चुके लोगों का नाम पीएमएवाई में शामिल कर लिया गया। इसके अलावा वे लोग जो गांव में लंबे समय से नहीं रहते, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल गया।

राजस्थान के जोधपुर जिले में खेड़ा सालवां गांव में भी पीएमएवाई का मामला देखने को मिला है। यहां पर 314 अयोग्य लोगों को बेघर दर्शाया गया है। इसके अलावा गांव के अविवाहित लोगों को भी पीएमएवाई का लाभार्थी बता दिया गया है।
 

सहारनपुर में भी पीएमएवाई की कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। कुछ ऐसे केस भी सामने आए हैं, जिनमें ऐसे व्यक्ति भी पीएमएवाई में शामिल कर लिए गए, जो विदेश में रहते हैं।

ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके मद्देनजर पीएमओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की निगरानी एवं जांच के लिए एक विशेष इकाई बनाने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ करने वाले अब बच नहीं सकेंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय इसके लिए अलग से विशेष इकाई का गठन कर रहा है।

यह इकाई पीएमएवाई में गड़बड़ी करने वालों को पकड़ेगी। इस इकाई का कार्यकाल दो साल रहेगा, क्योंकि इस योजना के पूरा होने का लक्ष्य 2022 रखा गया है।

31 मार्च 2022 तक देश में करीब 2 करोड़ घर बनाए जाने हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत अभी तक 88 लाख से अधिक आवास को स्वीकृति दी है।

इनमें 50 लाख से अधिक आवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बता दें कि देश के कई हिस्सों में पीएमएवाई को लेकर धोखाधड़ी की अनेक शिकायतें दर्ज हुई हैं।

राज्य प्रशासन ऐसे मामलों में अपने स्तर पर कार्रवाई भी करता है, लेकिन इसके बावजूद ये घटनाएं थम नहीं रही हैं। कई जगहों पर यह भी देखा गया है कि संबंधित एजेंसी ठीक तरह से मामले की जांच नहीं करती।

इसके पीछे उस एजेंसी पर स्थानीय नेताओं का दबाव बताया गया है। यूपी के बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अठिला ग्राम में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित घोटाला हो चुका है।

इस मामले में दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। एटा जनपद में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसों में गोलमाल करने की खबरें सामने आई हैं।

बस्ती जिले में 40 साल पहले मर चुके लोगों का नाम पीएमएवाई में शामिल कर लिया गया। इसके अलावा वे लोग जो गांव में लंबे समय से नहीं रहते, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल गया।

राजस्थान के जोधपुर जिले में खेड़ा सालवां गांव में भी पीएमएवाई का मामला देखने को मिला है। यहां पर 314 अयोग्य लोगों को बेघर दर्शाया गया है। इसके अलावा गांव के अविवाहित लोगों को भी पीएमएवाई का लाभार्थी बता दिया गया है।
 

सहारनपुर में भी पीएमएवाई की कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। कुछ ऐसे केस भी सामने आए हैं, जिनमें ऐसे व्यक्ति भी पीएमएवाई में शामिल कर लिए गए, जो विदेश में रहते हैं।

ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके मद्देनजर पीएमओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की निगरानी एवं जांच के लिए एक विशेष इकाई बनाने का निर्णय लिया है।



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