Pm Modi In A Meeting With Officials Reviewed The State Of The Epidemic Across The Country – पीएम मोदी की अधिकारियों के साथ बैठक, देश में महामारी की स्थिति की समीक्षा की

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Jun 2020 09:11 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो : ANI

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देशभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद से देश में रोजाना करीब दस हजार नए मामले दर्ज हो रहे हैं। यही कारण है कि इस वक्त संक्रमितों की कुल संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है।

इस स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की और इस दौरान भारत में कोरोना की स्थिति और उसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय स्तर की मौजूदा स्थिति और महामारी के संदर्भ में तैयारी के बारे में चर्चा की गई।
 

इस अहम बैठक में दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति का जायजा लिया गया। इसमें गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव, आईसीएमआर महानिदेशक और अन्य संबंधित समूहों के संबंधित दल शामिल थे।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया, यह देखा गया है कि देश में कुल मामलों में से दो-तिहाई मामले पांच राज्यों में हैं, यहां कोरोना का प्रभाव सबसे अधिक है।

विशेष रूप से बड़े शहरों के सामने पेश चुनौतियों के मद्देनजर, रोजाना बढ़ रहे मामलों को सही तरीके से संभालने के लिए यहां परीक्षण बढ़ाने के साथ-साथ बिस्तर और सेवाओं की संख्या को भी प्रभावी ढंग से बढ़ाने पर चर्चा की गई।

बाद में प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि उन्होंने देशभर में कोविड-19 की स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा, हमने आगे का खाका और संक्रमण की अधिकता वाले क्षेत्रों में महामारी को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, नीति आयोग के सदस्य और चिकित्सकीय आपात स्थिति प्रबंधन योजना से संबंधित अधिकार प्राप्त समूह के संयोजक डॉ. विनोद पॉल ने कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और मध्यावधि में इससे जुड़े मामलों के भावी परिदृश्य के बारे में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। प्रधानमंत्री ने अस्पतालों में बिस्तरों व पृथक बिस्तरों की शहर और जिलावार जरूरतों से संबंधित अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों का संज्ञान लिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को राज्यों/संघशासित प्रदेशों के साथ परामर्श कर आपात योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रालय को मानसून की शुरुआत के मद्देनजर उपयुक्त तैयारियां सुनिश्चित करने का भी परामर्श दिया।

 

देशभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद से देश में रोजाना करीब दस हजार नए मामले दर्ज हो रहे हैं। यही कारण है कि इस वक्त संक्रमितों की कुल संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है।

इस स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की और इस दौरान भारत में कोरोना की स्थिति और उसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय स्तर की मौजूदा स्थिति और महामारी के संदर्भ में तैयारी के बारे में चर्चा की गई।

 

इस अहम बैठक में दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति का जायजा लिया गया। इसमें गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव, आईसीएमआर महानिदेशक और अन्य संबंधित समूहों के संबंधित दल शामिल थे।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया, यह देखा गया है कि देश में कुल मामलों में से दो-तिहाई मामले पांच राज्यों में हैं, यहां कोरोना का प्रभाव सबसे अधिक है।

विशेष रूप से बड़े शहरों के सामने पेश चुनौतियों के मद्देनजर, रोजाना बढ़ रहे मामलों को सही तरीके से संभालने के लिए यहां परीक्षण बढ़ाने के साथ-साथ बिस्तर और सेवाओं की संख्या को भी प्रभावी ढंग से बढ़ाने पर चर्चा की गई।

बाद में प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि उन्होंने देशभर में कोविड-19 की स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा, हमने आगे का खाका और संक्रमण की अधिकता वाले क्षेत्रों में महामारी को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, नीति आयोग के सदस्य और चिकित्सकीय आपात स्थिति प्रबंधन योजना से संबंधित अधिकार प्राप्त समूह के संयोजक डॉ. विनोद पॉल ने कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और मध्यावधि में इससे जुड़े मामलों के भावी परिदृश्य के बारे में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। प्रधानमंत्री ने अस्पतालों में बिस्तरों व पृथक बिस्तरों की शहर और जिलावार जरूरतों से संबंधित अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों का संज्ञान लिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को राज्यों/संघशासित प्रदेशों के साथ परामर्श कर आपात योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रालय को मानसून की शुरुआत के मद्देनजर उपयुक्त तैयारियां सुनिश्चित करने का भी परामर्श दिया।

 





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