Navy Ready With Three Warships To Evacuate Indians Stranded In Gulf Countries – खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए तीन युद्धपोतों के साथ तैयार नौसेना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Apr 2020 04:43 AM IST

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कोरोना वायरस के चलते खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारतीय नौसेना अपने लैंडिंग प्लेटफार्म डॉक युद्धपोत आईएनएस जलश्व और दो मगर श्रेणी के युद्धपोतों के साथ पूरी तरह से तैयार है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, आईएनएस जलश्व विशाखापट्टनम जबकि मगर श्रेणी के दोनों युद्धपोत कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में तैनात हैं। इन युद्धपोतों को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है और आदेश जारी होने के बाद ये रवाना होने के लिए तैयार हैं।

नौसेना और वायुसेना को खाड़ी देशों से भारतीयों को बड़े पैमाने पर निकालने के लिए अपने युद्धपोतों और विमानों को स्टैंडबाय में रखने को कहा गया है। सरकार को सौंपे विस्तृत योजना में वायुसेना ने कहा था कि वह अपने तीन युद्धपोतों में खाड़ी देशों से 1500 भारतीयों को निकाल सकती है।

विदेश मंत्रालय पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए बातचीत शुरू कर चुका है। खाड़ी देशों में फंसे हजारों भारतीयों ने स्वदेश वापसी की इच्छा जाहिर की है लेकिन लॉकडाउन के चलते हवाई सेवा और अन्य यात्रा माध्यमों के बंद होने के चलते वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

कोरोना वायरस के चलते खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारतीय नौसेना अपने लैंडिंग प्लेटफार्म डॉक युद्धपोत आईएनएस जलश्व और दो मगर श्रेणी के युद्धपोतों के साथ पूरी तरह से तैयार है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, आईएनएस जलश्व विशाखापट्टनम जबकि मगर श्रेणी के दोनों युद्धपोत कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में तैनात हैं। इन युद्धपोतों को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है और आदेश जारी होने के बाद ये रवाना होने के लिए तैयार हैं।
नौसेना और वायुसेना को खाड़ी देशों से भारतीयों को बड़े पैमाने पर निकालने के लिए अपने युद्धपोतों और विमानों को स्टैंडबाय में रखने को कहा गया है। सरकार को सौंपे विस्तृत योजना में वायुसेना ने कहा था कि वह अपने तीन युद्धपोतों में खाड़ी देशों से 1500 भारतीयों को निकाल सकती है।

विदेश मंत्रालय पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए बातचीत शुरू कर चुका है। खाड़ी देशों में फंसे हजारों भारतीयों ने स्वदेश वापसी की इच्छा जाहिर की है लेकिन लॉकडाउन के चलते हवाई सेवा और अन्य यात्रा माध्यमों के बंद होने के चलते वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।



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