Lockdown Effects On Temperature,there Is No Chance Of More Heat In This Summer – खुशखबरी: इस बार नहीं पड़ेगी सूरज के तपिश की मार, नहीं हैं ज्यादा गर्मी के आसार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 13 May 2020 04:58 AM IST

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देश में अब तक गर्मी का प्रकोप शुरू नहीं होने और अत्यधिक बारिश होने के कारण इस बार गर्मी का मौसम असामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मार्च में गर्मी शुरू हो जाती है और अप्रैल-मई में यह अपने चरम पर पहुंच कर जून के पहले हफ्ते तक यह  स्थिति लगातार बनी रहती है। इनके अलावा राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भी गर्म क्षेत्रों में आता है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्म इलाकों में भी इस बार तापमान के सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मालूम हो कि पश्चिमी राजस्थान में अधिकतम तापमान 50 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है। इसके उलट 1 मार्च से 11 मई के बीच देश में 25 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पुणे रेंज के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ओपी श्रीजीत ने कहा कि मार्च में सामान्य से 47 फीसदी ज्यादा बारिश हुई, वहीं अप्रैल में 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि यह सामान्य घटना नहीं है।

वहीं निजी एजेंसी स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि अप्रैल में आमतौर पर गर्मी के दो चरण होते हैं। आईएमडी ने तापमान के सामान्य से 5-6 डिग्री ऊपर होने पर उस स्थिति को गर्मी और तापमान के सामान्य से 7 डिग्री ऊपर पहुंचने पर उसे गंभीर गर्मी का प्रकोप घोषित कर रखा है।

आईएमडी राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान की प्रमुख सती देवी ने कहा है कि गुजरात में अप्रैल में तेज गर्मी की शुरुआत हुई थी, लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं हुआ। इस महीने राजस्थान के कुछ हिस्से में तापमान 40 के पार पहुंचा, लेकिन पश्चिमी  विक्षोभ के कारण बारिश से तापमान नीचे चला गया।

देश में अब तक गर्मी का प्रकोप शुरू नहीं होने और अत्यधिक बारिश होने के कारण इस बार गर्मी का मौसम असामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मार्च में गर्मी शुरू हो जाती है और अप्रैल-मई में यह अपने चरम पर पहुंच कर जून के पहले हफ्ते तक यह  स्थिति लगातार बनी रहती है। इनके अलावा राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भी गर्म क्षेत्रों में आता है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्म इलाकों में भी इस बार तापमान के सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मालूम हो कि पश्चिमी राजस्थान में अधिकतम तापमान 50 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है। इसके उलट 1 मार्च से 11 मई के बीच देश में 25 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पुणे रेंज के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ओपी श्रीजीत ने कहा कि मार्च में सामान्य से 47 फीसदी ज्यादा बारिश हुई, वहीं अप्रैल में 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि यह सामान्य घटना नहीं है।

वहीं निजी एजेंसी स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि अप्रैल में आमतौर पर गर्मी के दो चरण होते हैं। आईएमडी ने तापमान के सामान्य से 5-6 डिग्री ऊपर होने पर उस स्थिति को गर्मी और तापमान के सामान्य से 7 डिग्री ऊपर पहुंचने पर उसे गंभीर गर्मी का प्रकोप घोषित कर रखा है।

आईएमडी राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान की प्रमुख सती देवी ने कहा है कि गुजरात में अप्रैल में तेज गर्मी की शुरुआत हुई थी, लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं हुआ। इस महीने राजस्थान के कुछ हिस्से में तापमान 40 के पार पहुंचा, लेकिन पश्चिमी  विक्षोभ के कारण बारिश से तापमान नीचे चला गया।



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