Lockdown 5 Guidelines Issued, Government Was Not Strict About Arogya Setu Mobile App In New Guidelines – 30 जून कर बढ़ाया लॉकडाउन, आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर सख्त नहीं दिखी सरकार

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aarogya setu app
– फोटो : amar ujala/प्रदीप पाण्डेय

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केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 4.0 की तय अवधि खत्म होने से एक दिन पहले 30 मई को नए राहत भरे लॉकडाउन: अनलॉक-1 की घोषणा कर दी है। नए लॉकडाउन के लिए जारी गाइडलाइंस 1 जून, 2020 से लागू होंगी और 30 जून, 2020 तक प्रभावी रहेंगी।

केंद्र सरकार ने दूसरे, तीसरे और चौथे लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से आरोग्य सेतु एप पर जोर दिया था, वैसा शनिवार को जारी गाइडलाइंस में नजर नहीं आया। सरकार ने जो गाइडलाइंस जारी की हैं, उनमें सबसे आखिर में आरोग्य सेतु मोबाइल एप का जिक्र किया गया है।

केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें एप को डाउनलोड करने वालों की संख्या तो उत्साहवर्धक थी, मगर इसका पूर्ण इस्तेमाल करने वाले लोगों का आंकड़ा निराशाजनक रहा है।

यहां तक कि सरकारी कर्मी भी इस एप को महज एक औपचारिकता के तौर पर ले रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर कहा गया है कि यह एप भारत सरकार ने बनाई है और काफी प्रभावशाली है और इसकी मदद से कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की त्वरित पहचान की जा सकती है।

इससे यह भी पता चल जाता है कि आपके आसपास संक्रमित होने का जोखिम तो नहीं है। यह एप व्यक्तियों और समुदाय के लिए एक ढाल के रूप में कार्य करता है।

एक जून से लागू हो रही गाइडलाइंस में कहा गया है कि सभी अधिकारी इस एप का उपयोग करने के लिए कर्मियों को प्रोत्साहित करें। केंद्र सरकार के अधिकारी के मुताबिक, विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट में पता चला है कि सरकारी कर्मचारी इस एप को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

कुछ लोगों में यह भ्रांति फैला दी गई कि ये एप उनकी निजी जानकारी में सेंध लगा सकता है। केंद्र की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कई बार आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे।

दस करोड़ से अधिक लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है, लेकिन वे इसका सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। खासतौर पर, सरकारी कर्मचारी इसका उपयोग नहीं कर रहे।

ऐसे में सरकार को चिंता है कि जब सरकारी कर्मी ही इस एप को लेकर बेरुखी दिखा रहे हैं तो फिर वे दूसरे लोगों को यह एप उपयोग में लाने के लिए कैसे प्रोत्साहित करेंगे।

केंद्र सरकार के अधिकारी ने कहा, शनिवार को विदेश जा रही एयरइंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से वापस बुलानी पड़ी, क्योंकि पायलट कोरोना पॉजिटिव मिला। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या पायलट के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया गया था या नहीं।

कई राज्यों से एकत्रित रिपोर्ट बताती है कि यह एप पूर्ण रूप से सही जानकारी नहीं देता। पहले कहा जा रहा था कि नए लॉकडाउन में केंद्र सरकार आरोग्य सेतु एप को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी करेगी।

कई सार्वजनिक जगहों पर जाने के लिए इसे अनिवार्य बनाया जाएगा, लेकिन नए आदेशों में ये सब नजर नहीं आया।

सार

केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों में आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें एप को डाउनलोड करने वालों की संख्या तो उत्साहवर्धक थी, मगर इसका पूर्ण इस्तेमाल करने वाले लोगों का आंकड़ा निराशाजनक रहा है…

विस्तार

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 4.0 की तय अवधि खत्म होने से एक दिन पहले 30 मई को नए राहत भरे लॉकडाउन: अनलॉक-1 की घोषणा कर दी है। नए लॉकडाउन के लिए जारी गाइडलाइंस 1 जून, 2020 से लागू होंगी और 30 जून, 2020 तक प्रभावी रहेंगी।

केंद्र सरकार ने दूसरे, तीसरे और चौथे लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से आरोग्य सेतु एप पर जोर दिया था, वैसा शनिवार को जारी गाइडलाइंस में नजर नहीं आया। सरकार ने जो गाइडलाइंस जारी की हैं, उनमें सबसे आखिर में आरोग्य सेतु मोबाइल एप का जिक्र किया गया है।

केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें एप को डाउनलोड करने वालों की संख्या तो उत्साहवर्धक थी, मगर इसका पूर्ण इस्तेमाल करने वाले लोगों का आंकड़ा निराशाजनक रहा है।

यहां तक कि सरकारी कर्मी भी इस एप को महज एक औपचारिकता के तौर पर ले रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर कहा गया है कि यह एप भारत सरकार ने बनाई है और काफी प्रभावशाली है और इसकी मदद से कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की त्वरित पहचान की जा सकती है।

इससे यह भी पता चल जाता है कि आपके आसपास संक्रमित होने का जोखिम तो नहीं है। यह एप व्यक्तियों और समुदाय के लिए एक ढाल के रूप में कार्य करता है।

एक जून से लागू हो रही गाइडलाइंस में कहा गया है कि सभी अधिकारी इस एप का उपयोग करने के लिए कर्मियों को प्रोत्साहित करें। केंद्र सरकार के अधिकारी के मुताबिक, विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट में पता चला है कि सरकारी कर्मचारी इस एप को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

कुछ लोगों में यह भ्रांति फैला दी गई कि ये एप उनकी निजी जानकारी में सेंध लगा सकता है। केंद्र की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कई बार आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे।

दस करोड़ से अधिक लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है, लेकिन वे इसका सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। खासतौर पर, सरकारी कर्मचारी इसका उपयोग नहीं कर रहे।

ऐसे में सरकार को चिंता है कि जब सरकारी कर्मी ही इस एप को लेकर बेरुखी दिखा रहे हैं तो फिर वे दूसरे लोगों को यह एप उपयोग में लाने के लिए कैसे प्रोत्साहित करेंगे।

केंद्र सरकार के अधिकारी ने कहा, शनिवार को विदेश जा रही एयरइंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से वापस बुलानी पड़ी, क्योंकि पायलट कोरोना पॉजिटिव मिला। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या पायलट के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया गया था या नहीं।

कई राज्यों से एकत्रित रिपोर्ट बताती है कि यह एप पूर्ण रूप से सही जानकारी नहीं देता। पहले कहा जा रहा था कि नए लॉकडाउन में केंद्र सरकार आरोग्य सेतु एप को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी करेगी।

कई सार्वजनिक जगहों पर जाने के लिए इसे अनिवार्य बनाया जाएगा, लेकिन नए आदेशों में ये सब नजर नहीं आया।



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