Kerala High Court Refuses To Pass Interim Order On Healing Bridge, Next Hearing On 18 May – हाईकोर्ट का आरोग्य सेतु पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार, अगली सुनवाई 18 मई को

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Updated Wed, 13 May 2020 06:11 AM IST

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केरल हाईकोर्ट ने आरोग्य सेतु एप को सरकारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य बनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को दी गई चुनौती पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि असाधारण स्थितियों में असाधारण कदम उठाने जरूरी हो जाते हैं।

जस्टिस अनु शिवरमण और जस्टिस एमआर अनीता की पीठ ने कहा कि कोरोना महामारी असाधारण परिस्थितियों में एक है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की निजता की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या वह गारंटी देती है कि इस एप से लोगों की गोपनीयता और जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं होगा।

केंद्र की ओर से पेश वकील ने कहा कि एप को गोपनीयता प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। आरोग्य सेतु को कोविड-19 से लड़ने के लिए दुनिया के सबसे अच्छे एप के रूप में मान्यता दी गई है। लाखों लोग प्रतिदिन इस एप को डाउनलोड कर रहे हैं। अब इस मामले की सुनवाई 18 मई को होगी।

बता दें कि त्रिशूर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव जॉन डैनियल ने आरोग्य सेतु एप को अनिवार्य किए जाने के केंद्र के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र का कर्मचारियों के लिए एप को अनिवार्य बनाना निजता और स्वायत्तता के अधिकार का उल्लंघन है। यह व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी जानकारी एकत्र करता है।  

केरल हाईकोर्ट ने आरोग्य सेतु एप को सरकारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य बनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को दी गई चुनौती पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि असाधारण स्थितियों में असाधारण कदम उठाने जरूरी हो जाते हैं।

जस्टिस अनु शिवरमण और जस्टिस एमआर अनीता की पीठ ने कहा कि कोरोना महामारी असाधारण परिस्थितियों में एक है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की निजता की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या वह गारंटी देती है कि इस एप से लोगों की गोपनीयता और जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं होगा।

केंद्र की ओर से पेश वकील ने कहा कि एप को गोपनीयता प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। आरोग्य सेतु को कोविड-19 से लड़ने के लिए दुनिया के सबसे अच्छे एप के रूप में मान्यता दी गई है। लाखों लोग प्रतिदिन इस एप को डाउनलोड कर रहे हैं। अब इस मामले की सुनवाई 18 मई को होगी।

बता दें कि त्रिशूर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव जॉन डैनियल ने आरोग्य सेतु एप को अनिवार्य किए जाने के केंद्र के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र का कर्मचारियों के लिए एप को अनिवार्य बनाना निजता और स्वायत्तता के अधिकार का उल्लंघन है। यह व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी जानकारी एकत्र करता है।  



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