Kerala Elephant Death Plea In Supreme Court Seeks Probe By Cbi Or Sit – केरल में हथिनी की मौत: याचिका में सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने का अनुरोध

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केरल गर्भवती हथिनी की हत्या का मामला
– फोटो : अमर उजाला

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उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक याचिका में केरल के ‘साइलेंट वैली’ वन में विस्फोटकों से भरा अनानास खाने के बाद, एक गर्भवती हथिनी की हाल में हुई मौत की घटना की सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराए जाने का अनुरोध किया गया है।

15 वर्षीय हथिनी की उस समय मौत हो गई थी, जब उसने कथित रूप से स्थानीय लोगों द्वारा दिया गया विस्फोटकों से भरा अनानास खाया था और वह उसके मुंह में ही फट गया था। हथिनी की 27 मई को वेलियार नदी में मौत हो गई थी।

न्यायालय में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रथमदृष्ट्या ऐसा प्रतीत होता है कि यह हाथियों को मारने वाले गिरोह का ‘सोच समझ कर किया गया एवं संगठित काम’ है। प्राधिकारी संरक्षित जानवरों की हत्या की इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहे हैं।

दिल्ली के एक वकील अवध बिहारी कौशिक ने यह याचिका दायर की है। याचिका में मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा गया है कि इस साल अप्रैल में इसी प्रकार की घटना सामने आई थी, जब एक हाथी की केरल के कोल्लम जिले में मौत हो गई थी। उसके मुंह में चोटें थीं।

याचिका में गर्भवती हथिनी की हत्या और इस प्रकार की घटनाओं की जांच शीर्ष अदालत की लगातार निगरानी में सीबीआई से कराने का अनुरोध किया गया है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में हाथियों की हत्या के मामलों की शीर्ष अदालत के किसी पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में गठित एसआईटी से या सीबीआई से जांच करायी जाए।

उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक याचिका में केरल के ‘साइलेंट वैली’ वन में विस्फोटकों से भरा अनानास खाने के बाद, एक गर्भवती हथिनी की हाल में हुई मौत की घटना की सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराए जाने का अनुरोध किया गया है।

15 वर्षीय हथिनी की उस समय मौत हो गई थी, जब उसने कथित रूप से स्थानीय लोगों द्वारा दिया गया विस्फोटकों से भरा अनानास खाया था और वह उसके मुंह में ही फट गया था। हथिनी की 27 मई को वेलियार नदी में मौत हो गई थी।

न्यायालय में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रथमदृष्ट्या ऐसा प्रतीत होता है कि यह हाथियों को मारने वाले गिरोह का ‘सोच समझ कर किया गया एवं संगठित काम’ है। प्राधिकारी संरक्षित जानवरों की हत्या की इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहे हैं।

दिल्ली के एक वकील अवध बिहारी कौशिक ने यह याचिका दायर की है। याचिका में मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा गया है कि इस साल अप्रैल में इसी प्रकार की घटना सामने आई थी, जब एक हाथी की केरल के कोल्लम जिले में मौत हो गई थी। उसके मुंह में चोटें थीं।

याचिका में गर्भवती हथिनी की हत्या और इस प्रकार की घटनाओं की जांच शीर्ष अदालत की लगातार निगरानी में सीबीआई से कराने का अनुरोध किया गया है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में हाथियों की हत्या के मामलों की शीर्ष अदालत के किसी पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में गठित एसआईटी से या सीबीआई से जांच करायी जाए।



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