Indian Railway Latest News, Most Of The 230 Special Trains Running With Vacant Seats, People Avoiding Travel Due To Coronavirus Infection – कोरोना का खौफ: 230 स्पेशल ट्रेनों में से ज्यादातर चल रही खाली, यात्रा से परहेज कर रहे लोग

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 07 Jun 2020 07:07 AM IST

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कोरोना वायरस के खौफ से लोग घरों में बैठने को मजबूर हो गए हैं। गर्मी के दिनों में आमूमन लोग पर्यटन के ख्याल से घर से निकलते थे, लेकिन बच्चों की छुट्टिïया होने के बावजूद लंबी दूरी की यात्रा से बच रहे है। अभी तक इतिहास में यह पहली बार देखा जा रहा है कि ट्रेन से यात्रा करने की मारामारी नहीं है।

जबकि ट्रैक पर महज 230 स्पेशल ट्रेनें ही चल रही है। नई दिल्ली से अन्य रूट के लिए चलने वाली ट्रेनों में भीड़ है भी तो वहीं वापसी में आने वाली ज्यादातर ट्रेनें खाली आ रही है। रेल मंत्रालय और ट्रेन चलाने की तैयारी में तो है, लेकिन यात्रा करने वालों का कोटा देखकर संभव है कि कम ही ट्रेन पटरी पर उतरे। क्योंकि ना तो लोग पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और ना ही छुट्टिïया बीताने के लिए अपने गृह प्रदेश जाने को तैयार है। हां इतना जरूर है कि जिसे काफी आवश्यकता है वहीं ट्रेनों से यात्रा कर रहे है।

पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेन में आरक्षित बर्थ जुलाई महीने में खाली है। अगर आप चाहे तो आसानी से आरक्षित बर्थ बुक करा सकते है। हालांकि प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग टिकट मिल रहा है। इतना भी ज्यादा वेटिंग नहीं है कि वह कन्फर्म नहीं हो सके। पूर्वांचल दिशा की तरफ जाने वाली ट्रेन की बात करें तो कानपुर जाने वाली ट्रेन जिसमें नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन शामिल है इस ट्रेन में आरक्षित टिकट आसानी से बुक हो रहे है। प्रयागराज ट्रेन में वैसे तो 14 जून तक फुल है, लेकिन महज 4-5 वेटिंग ही है।

इसी तरह शिवगंगा, बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन की स्थिति है। लखनऊ जाने वाली कई ट्रेनों में 14 जून तक आसानी से टिकट उपलब्ध है। लखनऊ मेल में भी यात्रा करना चाहे तो सीट उपलब्ध है। हालांकि गोरखधाम, महामना ओर गोमती एक्सप्रेस में 10 वेटिंग टिकट जून महीने में मिल रहा है। गोरखपुर जाने वाली सत्याग्रह व गोरखधाम स्पेशल में भी वेटिंग बहुत ज्याद नहीं है।

मुंबई जाने वाली तो ज्यादातर ट्रेनें खाली है। गोल्डेन टेंपल, पश्चिम एक्सप्रेस, मंगला स्पेशल में भी काफी अधिक भीड़ नहीं है। जबकि ये रेलवे की अति व्यस्त रूट में शामिल है। गर्मियों में तो गोवा, वैष्णव देवी, मुंबई, शिमला जाने वालों की भारी भीड़ होती हे। कोरोना के भय से यात्रियों के थम जाने से रेलवे में सन्नाटा सा छाया है।

आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर अगले महीने सभी दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों में सीट मौजूद है। वापसी वाली ट्रेन में तो ज्यादातर आरक्षित बर्थ खाली है। मुंबई-नई दिल्ली, जम्मूतवी-नई दिल्ली, पटना-नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल-नई दिल्ली रूट पर चलन वाली ट्रेनों में आसानी से सीट उपलब्ध है।

सार

  • पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेन में आरक्षित बर्थ जुलाई महीने में भी खाली है
  • बच्चों की छुट्टिïया होने के बावजूद लंबी दूरी की यात्रा से बच रहे हैं लोग
  • वापसी में आने वाली ज्यादातर ट्रेनें खाली आ रही हैं

विस्तार

कोरोना वायरस के खौफ से लोग घरों में बैठने को मजबूर हो गए हैं। गर्मी के दिनों में आमूमन लोग पर्यटन के ख्याल से घर से निकलते थे, लेकिन बच्चों की छुट्टिïया होने के बावजूद लंबी दूरी की यात्रा से बच रहे है। अभी तक इतिहास में यह पहली बार देखा जा रहा है कि ट्रेन से यात्रा करने की मारामारी नहीं है।

जबकि ट्रैक पर महज 230 स्पेशल ट्रेनें ही चल रही है। नई दिल्ली से अन्य रूट के लिए चलने वाली ट्रेनों में भीड़ है भी तो वहीं वापसी में आने वाली ज्यादातर ट्रेनें खाली आ रही है। रेल मंत्रालय और ट्रेन चलाने की तैयारी में तो है, लेकिन यात्रा करने वालों का कोटा देखकर संभव है कि कम ही ट्रेन पटरी पर उतरे। क्योंकि ना तो लोग पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और ना ही छुट्टिïया बीताने के लिए अपने गृह प्रदेश जाने को तैयार है। हां इतना जरूर है कि जिसे काफी आवश्यकता है वहीं ट्रेनों से यात्रा कर रहे है।

पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेन में आरक्षित बर्थ जुलाई महीने में खाली है। अगर आप चाहे तो आसानी से आरक्षित बर्थ बुक करा सकते है। हालांकि प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग टिकट मिल रहा है। इतना भी ज्यादा वेटिंग नहीं है कि वह कन्फर्म नहीं हो सके। पूर्वांचल दिशा की तरफ जाने वाली ट्रेन की बात करें तो कानपुर जाने वाली ट्रेन जिसमें नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन शामिल है इस ट्रेन में आरक्षित टिकट आसानी से बुक हो रहे है। प्रयागराज ट्रेन में वैसे तो 14 जून तक फुल है, लेकिन महज 4-5 वेटिंग ही है।

इसी तरह शिवगंगा, बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन की स्थिति है। लखनऊ जाने वाली कई ट्रेनों में 14 जून तक आसानी से टिकट उपलब्ध है। लखनऊ मेल में भी यात्रा करना चाहे तो सीट उपलब्ध है। हालांकि गोरखधाम, महामना ओर गोमती एक्सप्रेस में 10 वेटिंग टिकट जून महीने में मिल रहा है। गोरखपुर जाने वाली सत्याग्रह व गोरखधाम स्पेशल में भी वेटिंग बहुत ज्याद नहीं है।

मुंबई जाने वाली तो ज्यादातर ट्रेनें खाली है। गोल्डेन टेंपल, पश्चिम एक्सप्रेस, मंगला स्पेशल में भी काफी अधिक भीड़ नहीं है। जबकि ये रेलवे की अति व्यस्त रूट में शामिल है। गर्मियों में तो गोवा, वैष्णव देवी, मुंबई, शिमला जाने वालों की भारी भीड़ होती हे। कोरोना के भय से यात्रियों के थम जाने से रेलवे में सन्नाटा सा छाया है।

आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर अगले महीने सभी दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों में सीट मौजूद है। वापसी वाली ट्रेन में तो ज्यादातर आरक्षित बर्थ खाली है। मुंबई-नई दिल्ली, जम्मूतवी-नई दिल्ली, पटना-नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल-नई दिल्ली रूट पर चलन वाली ट्रेनों में आसानी से सीट उपलब्ध है।



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