India China News,indian Army Will Continue Its Strict Acction Against The Chinese Army – चीनियों के खिलाफ अपने आक्रामक तेवर जारी रखेगी भारतीय सेना, किसी भी दबाव में नहीं हटेगी पीछे

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 May 2020 05:44 AM IST

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भारतीय सेना ने फैसला लिया है कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो, गलवां घाटी, डेमचोक और दोलत बेग ओल्डी जैसे सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना अपने आक्रामक तेवर को जारी रखेगी और चीनी सेना के किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगी। भारतीय सेना के कमांडरों का तीन दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को खत्म होने के बाद सूत्रों ने यह जानकारी दी। जबकि सेना ने बैठक में उठाए गए मुद्दों का खुलासा नहीं किया है।

सूत्रों ने कहा कि सम्मेलन में भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व ने मौजूदा और आने वाले समय की सुरक्षा चुनौतियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया। चर्चा का प्रमुख केंद्र लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति रही। इसके अलावा, मानव संसाधन प्रबंधन के मुद्दों, गोला-बारूद प्रबंधन से संबंधित अध्ययन, प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों के विलय और मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान के साथ सैन्य प्रशिक्षण निदेशालय के विलय पर भी चर्चा की गई।

इस दौरान आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ओरिजिनेशन और आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठकें भी हुईं। सम्मेलन के दूसरा चरण 24 से 27 जून तक चलेगा।

भारतीय सेना ने फैसला लिया है कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो, गलवां घाटी, डेमचोक और दोलत बेग ओल्डी जैसे सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना अपने आक्रामक तेवर को जारी रखेगी और चीनी सेना के किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगी। भारतीय सेना के कमांडरों का तीन दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को खत्म होने के बाद सूत्रों ने यह जानकारी दी। जबकि सेना ने बैठक में उठाए गए मुद्दों का खुलासा नहीं किया है।

सूत्रों ने कहा कि सम्मेलन में भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व ने मौजूदा और आने वाले समय की सुरक्षा चुनौतियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया। चर्चा का प्रमुख केंद्र लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति रही। इसके अलावा, मानव संसाधन प्रबंधन के मुद्दों, गोला-बारूद प्रबंधन से संबंधित अध्ययन, प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों के विलय और मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान के साथ सैन्य प्रशिक्षण निदेशालय के विलय पर भी चर्चा की गई।

इस दौरान आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ओरिजिनेशन और आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठकें भी हुईं। सम्मेलन के दूसरा चरण 24 से 27 जून तक चलेगा।



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