Four Cities Of Gujarat Will Search Treatment Of Corona With Who – गुजरात के चार शहर डब्ल्यूएचओ के साथ तलाशेंगे कोरोना का उपचार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Wed, 06 May 2020 02:44 AM IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन
– फोटो : social media

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कोरोना महामारी का सटीक उपचार तलाशने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुवाई में होने वाले क्लीनिकल ट्रायल में गुजरात के चार शहर हिस्सा लेंगे। इनमें अहमदाबाद समेत सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं। इस ट्रायल में चार दवाओं रेमडेसिवीर, लोपिनाविर, हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन और इंटरफेरॉन के रोगियों पर असर और कोरोना मरीजों की देखभाल के मानक तय किए जाएंगे।

गुजरात की मुख्य स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि ने बताया कि इसके अलावा क्लीनिकल ट्रायल में मरीजों की सेहत में सुधार, मृत्यु दर, वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत और अन्य दवाओं के रिएक्शन आदि पर भी चर्चा होगी।

क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अहमदाबाद से बीजे मेडिकल कॉलेज और सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल, वडोदरा से गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी मेडिकल कॉलेज, सूरत का न्यू सिविल अस्पतला और राजकोट से पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज को चुना गया है। इस ट्रायल में दुनिया भर के करीब 100 देश हिस्सा लेंगे।

चार उपचार विकल्पों पर होगा मंथन

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ट्रायल के दौरान कोरोना उपचार के चार विकल्पों पर उनके परस्पर प्रभावों के आधार पर अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देेश्य तेजी से यह पता लगाना है कि क्या चारों दवाओं में से कोई भी बीमारी को धीमा कर पाती है रोक पाती है या फिर जीवित रहने की संभावना को बेहतर बनाती है।

ट्रायल के साक्ष्यों के आधार पर ही तय किया जाएगा कि क्या दूसरी दवाओं को इसके उपचार में शामिल करने की जरूरत है या नहीं। 

कोरोना महामारी का सटीक उपचार तलाशने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुवाई में होने वाले क्लीनिकल ट्रायल में गुजरात के चार शहर हिस्सा लेंगे। इनमें अहमदाबाद समेत सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं। इस ट्रायल में चार दवाओं रेमडेसिवीर, लोपिनाविर, हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन और इंटरफेरॉन के रोगियों पर असर और कोरोना मरीजों की देखभाल के मानक तय किए जाएंगे।

गुजरात की मुख्य स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि ने बताया कि इसके अलावा क्लीनिकल ट्रायल में मरीजों की सेहत में सुधार, मृत्यु दर, वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत और अन्य दवाओं के रिएक्शन आदि पर भी चर्चा होगी।

क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अहमदाबाद से बीजे मेडिकल कॉलेज और सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल, वडोदरा से गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी मेडिकल कॉलेज, सूरत का न्यू सिविल अस्पतला और राजकोट से पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज को चुना गया है। इस ट्रायल में दुनिया भर के करीब 100 देश हिस्सा लेंगे।

चार उपचार विकल्पों पर होगा मंथन

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ट्रायल के दौरान कोरोना उपचार के चार विकल्पों पर उनके परस्पर प्रभावों के आधार पर अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देेश्य तेजी से यह पता लगाना है कि क्या चारों दवाओं में से कोई भी बीमारी को धीमा कर पाती है रोक पाती है या फिर जीवित रहने की संभावना को बेहतर बनाती है।

ट्रायल के साक्ष्यों के आधार पर ही तय किया जाएगा कि क्या दूसरी दवाओं को इसके उपचार में शामिल करने की जरूरत है या नहीं। 



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