Covid 19 Defence Ministry Patents Low-cost Ppe Developed By Navy To Start Mass Production – भारतीय नौसेना द्वारा विकसित पीपीई का हुआ पेटेंट, अब बड़े पैमाने पर होगा उत्पादन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 May 2020 02:33 AM IST

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कोरोना महामारी से बचाव के लिए इस वक्त लोगों खासकर स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट (निजी सुरक्षा उपकरण) की ज्यादा आवश्यकता है। ऐसे समय में भारतीय नौसेना ने सस्ते में पीपीई किट का निर्माण किया है, जिसे रक्षा मंत्रालय द्वारा सफलतापूर्वक पेटेंट भी करा लिया गया है। इसके बाद अब इस पीपीई किट का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा सकेगा।

इस उपलब्धि के बाद नौसेना ने बयान में कहा है, ‘हाल ही में मुम्बई के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसीन में विकसित इन्नोवेशन सेल में तैनात नौसेना के डाक्टरों ने इस सस्ते पीपीई को विकसित किया है। मुम्बई में नौसेना के डॉकयार्ड में पीपीई के प्रायोगिक खेप का उत्पादन भी किया जा चुका है।’

नौसेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके द्वारा विकसित सस्ते निजी सुरक्षा उपकरण का रक्षा मंत्रालय ने सफलतापूर्वक पेटेंट करा लिया है जो कोरोना वायरस महामारी के बीच बड़े पैमाने पर उसके उत्पादन की दिशा में एक कदम है। नौसेना ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रम राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी)के साथ मिलकर पेटेंट फाइल किया था।

उसने कहा, भारतीय नौसेना द्वारा विकसित मेडिकल पीपीई का तीव्रता से बड़े पैमाने पर उत्पादन की दिशा में बड़े कदम के तहत रक्षा मंत्रालय के बौद्धिक संपदा सुविधा इकाई ने राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के साथ मिलकर सफलतापूर्वक पेटेंट फाइल किया। नौसेना के मुताबिक उसका पीपीई बाजार में उपलब्ध पीपीई की तुलना में उच्च सुरक्षा एवं अधिक आसानी से सांस लेने की सुविधा प्रदान करता है। इस प्रौद्योगिकी का भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा मान्यताप्राप्त परीक्षण लैब सही ठहरा चुका है।

कोरोना महामारी से बचाव के लिए इस वक्त लोगों खासकर स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट (निजी सुरक्षा उपकरण) की ज्यादा आवश्यकता है। ऐसे समय में भारतीय नौसेना ने सस्ते में पीपीई किट का निर्माण किया है, जिसे रक्षा मंत्रालय द्वारा सफलतापूर्वक पेटेंट भी करा लिया गया है। इसके बाद अब इस पीपीई किट का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा सकेगा।

इस उपलब्धि के बाद नौसेना ने बयान में कहा है, ‘हाल ही में मुम्बई के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसीन में विकसित इन्नोवेशन सेल में तैनात नौसेना के डाक्टरों ने इस सस्ते पीपीई को विकसित किया है। मुम्बई में नौसेना के डॉकयार्ड में पीपीई के प्रायोगिक खेप का उत्पादन भी किया जा चुका है।’

नौसेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके द्वारा विकसित सस्ते निजी सुरक्षा उपकरण का रक्षा मंत्रालय ने सफलतापूर्वक पेटेंट करा लिया है जो कोरोना वायरस महामारी के बीच बड़े पैमाने पर उसके उत्पादन की दिशा में एक कदम है। नौसेना ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रम राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी)के साथ मिलकर पेटेंट फाइल किया था।

उसने कहा, भारतीय नौसेना द्वारा विकसित मेडिकल पीपीई का तीव्रता से बड़े पैमाने पर उत्पादन की दिशा में बड़े कदम के तहत रक्षा मंत्रालय के बौद्धिक संपदा सुविधा इकाई ने राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के साथ मिलकर सफलतापूर्वक पेटेंट फाइल किया। नौसेना के मुताबिक उसका पीपीई बाजार में उपलब्ध पीपीई की तुलना में उच्च सुरक्षा एवं अधिक आसानी से सांस लेने की सुविधा प्रदान करता है। इस प्रौद्योगिकी का भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा मान्यताप्राप्त परीक्षण लैब सही ठहरा चुका है।



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