Coronavirus News In Hindi : Rajdhani Special Trains Became Food Mart, People Are Buying Houses Ready To Buy – राजधानी स्पेशल ट्रेनें बनीं फूड मार्ट, लोग ‘रेडी टू ईट’ सामग्री खरीद कर ले जा रहे घर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 May 2020 04:32 AM IST

देवघर से जसीडीह जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार लोग।
– फोटो : PTI

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कोरोना वायरस महामारी के बीच चलाई जा रही 15 राजधानी स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए फूड मार्ट भी बन गई हैं। इन ट्रेनों में मिल रहे ‘रेडी टू ईट’ सामग्री को लोग जीभर कर खरीद कर घर ले जा रहे हैं। इन ट्रेनों के संचालन के एलान के वक्त ही रेलवे ने साफ किया था कि ट्रेनों में पहले की तरह भोजन नहीं परोसा जाएगा।

इन ट्रेनों में पकाए गए भोजन की जगह ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री बेची जाएगी। राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अपनी तेज रफ्तार और सुरक्षित यात्रा के साथ ही खाने पीने के इंतजाम के लिए प्रसिद्ध है। ट्रेनों में कैटरिंग की व्यवस्था संभालने वाली कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

इन ट्रेनों में ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इसके तहत चाय और कॉफी के इंस्टेंट सैशे, कप्पा नूडल्स, उपमा, पोहा, दाल-चावल के पैकेट की आपूर्ति की जा रही है। जिन्हें यह खाना हो, उनके सामने पैकेट फाड़ा जाता है, उसमें गर्म पानी मिलाया जाता है और कुछ मिनट के बाद वह खाने के लिए तैयार।

इसे लोग खरीद कर घर भी ले जा रहे हैं
इन ट्रेनों में सफर करने वाले ज्यादातर यात्री कहीं न कहीं फंसे थे और अब अवसर मिलने पर वापस अपने घर जा रहे हैं। उन्हें यह भी पता है कि अपने गंतव्य स्टेशन पर उतरते ही उन्हें कुछ दिनों के लिए होम क्वारंटीन होना पड़ेगा। इसलिए वे ट्रेन में ही चाय-कॉफी के सैशे, कप्पा नूडल्स के कुछ पैक या उपमा, पोहा, दाल-चावल आदि के कुछ पैकेट खरीद ले रहे हैं। अधिकारी बताते हैं कि कुछ यात्री तो झोला भर के सामान ले जा रहे हैं।

जहां ठहराया जाएगा, वहां पता नहीं क्या मिलेगा
डिब्रूगढ़ राजधानी स्पेशल से नई दिल्ली से नौगछिया तक की यात्रा करने वाले रामानंद प्रसाद सिंह का कहना है कि उन्हें तो पता है कि घर पहुंच कर 14 दिन तक क्वारंटीन रहना है। वहां उन्हें चाय-कॉफी मिलेगी या नहीं, पता नहीं। इसलिए ट्रेन में ही उन्होंने कई सैशे खरीद कर रख लिए हैं। यही नहीं, उन्होंने ‘रेडी टू ईट’ उपमा और दाल-चावल के भी कई पैकेट भी खरीद लिए हैं।

कोरोना वायरस महामारी के बीच चलाई जा रही 15 राजधानी स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए फूड मार्ट भी बन गई हैं। इन ट्रेनों में मिल रहे ‘रेडी टू ईट’ सामग्री को लोग जीभर कर खरीद कर घर ले जा रहे हैं। इन ट्रेनों के संचालन के एलान के वक्त ही रेलवे ने साफ किया था कि ट्रेनों में पहले की तरह भोजन नहीं परोसा जाएगा।

इन ट्रेनों में पकाए गए भोजन की जगह ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री बेची जाएगी। राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अपनी तेज रफ्तार और सुरक्षित यात्रा के साथ ही खाने पीने के इंतजाम के लिए प्रसिद्ध है। ट्रेनों में कैटरिंग की व्यवस्था संभालने वाली कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

इन ट्रेनों में ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इसके तहत चाय और कॉफी के इंस्टेंट सैशे, कप्पा नूडल्स, उपमा, पोहा, दाल-चावल के पैकेट की आपूर्ति की जा रही है। जिन्हें यह खाना हो, उनके सामने पैकेट फाड़ा जाता है, उसमें गर्म पानी मिलाया जाता है और कुछ मिनट के बाद वह खाने के लिए तैयार।

इसे लोग खरीद कर घर भी ले जा रहे हैं
इन ट्रेनों में सफर करने वाले ज्यादातर यात्री कहीं न कहीं फंसे थे और अब अवसर मिलने पर वापस अपने घर जा रहे हैं। उन्हें यह भी पता है कि अपने गंतव्य स्टेशन पर उतरते ही उन्हें कुछ दिनों के लिए होम क्वारंटीन होना पड़ेगा। इसलिए वे ट्रेन में ही चाय-कॉफी के सैशे, कप्पा नूडल्स के कुछ पैक या उपमा, पोहा, दाल-चावल आदि के कुछ पैकेट खरीद ले रहे हैं। अधिकारी बताते हैं कि कुछ यात्री तो झोला भर के सामान ले जा रहे हैं।

जहां ठहराया जाएगा, वहां पता नहीं क्या मिलेगा
डिब्रूगढ़ राजधानी स्पेशल से नई दिल्ली से नौगछिया तक की यात्रा करने वाले रामानंद प्रसाद सिंह का कहना है कि उन्हें तो पता है कि घर पहुंच कर 14 दिन तक क्वारंटीन रहना है। वहां उन्हें चाय-कॉफी मिलेगी या नहीं, पता नहीं। इसलिए ट्रेन में ही उन्होंने कई सैशे खरीद कर रख लिए हैं। यही नहीं, उन्होंने ‘रेडी टू ईट’ उपमा और दाल-चावल के भी कई पैकेट भी खरीद लिए हैं।



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