Coronavirus Case News In Hindi : Lockdown 3, Three 3 Lakh People Return Home In 251 Special Trains In A Phased Manner – लॉकडाउन 3.0 : 251 विशेष ट्रेनों से 3 लाख लोगों की चरणबद्ध तरीके से घर वापसी

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गुजरात से लौटे श्रमिक।
– फोटो : amar ujala

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लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने 251 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 1 मई से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब 3 लाख से ज्यादा मजदूरों व अन्य को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया। गृहमंत्रालय ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, सरकार की कोशिश लॉकडाउन दिशानिर्देशों में ज्यादा से ज्यादा छूट देकर लोगों को राहत देना है।

इसी के तहत सरकार ने प्रवासी मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं। सरकार का अगला कदम विदेश में फंसे लोगों को वापस लाना है। 7 मई से शुरू इस प्रक्रिया के तहत वाणिज्यिक उड़ानों और नौसेना के जहाजों से यात्रियों को लाने की व्यवस्था की गई है।

आईएनएस जलाश्वा ने शुक्रवार को मालदीव से 700 भारतीयों को लेकर यात्रा शुरू की है और 10 मई को रात को यह कोच्चि के तट पर पहुंचेगा। 354 यात्रियों को लेकर अबू धाबी से कोझिकोड और दुबई से कोच्चि विमान बृहस्पतिवार को पहुंचे थे। श्रीवास्तव ने कहा, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक विदेशों में फंसे भारतीयों को भारतीय दूतावास व उच्चायोग के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

गर्भवती महिलाएं, छात्र, मेडिकल इमरजेंसी और जिन लोगों को वीजा खत्म हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। उड़ानों व जहाज में सवार होने से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी और बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही अनुमति दी जाएगी।

रेलवे की तैयारी: पहले और दूसरे चरण के मरीजों के लिए ट्रेन के 5,231 कोचों का होगा इस्तेमाल
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि भारतीय रेलवे ने देश के 215 रेलवे स्टेशनों पर 5,231 कोचों को कोविड केयर सेंटर के रूप में तब्दील किया है। पहली व दूसरी स्टेज के मरीजों के लिए इन कोचों का इस्तेमाल किया जाएगा। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा।

215 में से 85 स्टेशन पर रेलवे द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया जाएगा। वहीं, अन्य 130 रेलवे स्टेशनों पर संबंधित राज्य व केंद्र शासित राज्यों द्वारा स्टाफ और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रेलवे ने 2500 डॉक्टर और 35 हजार पैरा मेडिकल टीम को तैनात किया है।

कर्नाटक के मंगलूरू में शुक्रवार को सैकड़ों प्रवासी मजदूर रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े और उन्होंने तत्काल अपने-अपने राज्य भेजे जाने की मांग की। मजदूर इस गफलत में रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े कि कर्नाटक सरकार उन्हें गृह राज्य भेजने के लिए विशेष ट्रेनें चलाएगी। इनमें से ज्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हैं। मजदूर स्टेशन पर डटे रहे और पुलिस की अपील के बावजूद उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।

पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के हवाले से कहा कि वे बिना नौकरी, पैसा और पर्याप्त भोजन के शहर में फंसे हुए हैं। अगर फौरन विशेष ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो वे पैदल ही अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं। कर्नाटक सरकार ने मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए आठ मई से विशेष ट्रेनें चलाने का बृहस्पतिवार को फैसला लेना पड़ा था। इससे पहले विशेष ट्रेनें चलाने के अनुरोध को वापस ले लिया था, जिससे राज्य की किरकिरी हुई थी।

एसओपी लागू करेगी अंतर मंत्रालयी समिति
श्रीवास्तव ने कहा, विदेश में फंसे लोगों को भारत लाने या यहां फंसे लोगों को उनके देश भेजने संबंधी एसओपी लागू करने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समन्वय समिति का गठन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, गृहमंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, सशस्त्र बलों और एयर इंडिया के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी से कटकर हुई 16 मजदूरों की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

सार

गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी चरणबद्ध तरीके से शुरू हुई है, इसी तरह अन्य प्रवासी मजदूरों की घर वापसी होगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेलवे की तैयारी के बारे में जानकारी साझा की। मंत्रालय ने कहा कि पहले और दूसरे चरण के मरीजों के लिए ट्रेन के 5,231 कोचों का इस्तेमाल होगा।

विस्तार

लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने 251 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 1 मई से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब 3 लाख से ज्यादा मजदूरों व अन्य को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया। गृहमंत्रालय ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, सरकार की कोशिश लॉकडाउन दिशानिर्देशों में ज्यादा से ज्यादा छूट देकर लोगों को राहत देना है।

इसी के तहत सरकार ने प्रवासी मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं। सरकार का अगला कदम विदेश में फंसे लोगों को वापस लाना है। 7 मई से शुरू इस प्रक्रिया के तहत वाणिज्यिक उड़ानों और नौसेना के जहाजों से यात्रियों को लाने की व्यवस्था की गई है।

आईएनएस जलाश्वा ने शुक्रवार को मालदीव से 700 भारतीयों को लेकर यात्रा शुरू की है और 10 मई को रात को यह कोच्चि के तट पर पहुंचेगा। 354 यात्रियों को लेकर अबू धाबी से कोझिकोड और दुबई से कोच्चि विमान बृहस्पतिवार को पहुंचे थे। श्रीवास्तव ने कहा, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक विदेशों में फंसे भारतीयों को भारतीय दूतावास व उच्चायोग के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

गर्भवती महिलाएं, छात्र, मेडिकल इमरजेंसी और जिन लोगों को वीजा खत्म हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। उड़ानों व जहाज में सवार होने से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी और बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही अनुमति दी जाएगी।

रेलवे की तैयारी: पहले और दूसरे चरण के मरीजों के लिए ट्रेन के 5,231 कोचों का होगा इस्तेमाल
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि भारतीय रेलवे ने देश के 215 रेलवे स्टेशनों पर 5,231 कोचों को कोविड केयर सेंटर के रूप में तब्दील किया है। पहली व दूसरी स्टेज के मरीजों के लिए इन कोचों का इस्तेमाल किया जाएगा। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा।

215 में से 85 स्टेशन पर रेलवे द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया जाएगा। वहीं, अन्य 130 रेलवे स्टेशनों पर संबंधित राज्य व केंद्र शासित राज्यों द्वारा स्टाफ और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रेलवे ने 2500 डॉक्टर और 35 हजार पैरा मेडिकल टीम को तैनात किया है।


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