Amit Shah Gesture On Eve Of Eid 120 Prisoners From Jammu And Kashmir Call On Their Home – गृह मंत्री की दरियादिली, ईद के मौके पर 120 कश्मीरी कैदियों ने घर किया फोन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 May 2020 08:29 AM IST

गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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नौ उत्तर भारतीय जेलों में बंद जम्मू-कश्मीर के 120 से अधिक कैदियों को ईद पर घर फोन करने की अनुमति दी गई। ऐसा गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर हुआ। गृह मंत्री ने हाल ही में उन कश्मीरियों की एक सूची संकलित करने के निर्देश जारी किए थे जो विभिन्न जेलों में सलाखों के पीछे हैं ताकि उऩकी रियायत को बढ़ाया जा सके। इस बात की जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।
ईद के मौके पर तीन राज्यों- उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली की जेलों में बंद 122 कैदियों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ बात करने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने कहा कि कैदियों में से 106 यूपी की छह जेलों में जबकि 15 अन्य हरियाणा की जेलों में बंद हैं। हालांकि आतंक से संबंधित मामलों में बंद कैदियों को यह रियायत नहीं दी जाएगी।

अधिकारी ने कहा कि यह कोशिश कश्मीरी कैदियों और उनके परिवार की जिंदगी मे कुछ खुशियां लाने की थी। अन्य कैदियों के विपरीत, कश्मीर के कैदियों के पास तार्किक कारणों की वजह से कई आगंतुक नहीं आते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जो लोग आतंक से संबंधित मामलों में आरोपी नहीं है उनके प्रति सरकार सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने वाली है।

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुई मुठभेड़ का संदर्भ देते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘जो लोग आतंक से संबंधित मामलों में शामिल हैं उनके साथ क्या होता है वो आपने सुबह देखा।’ दरअसल, इस्लामिक स्टेट इन जम्मू कश्मीर के लिए काम करने वाले दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। जिसमें से सशस्त्र बलों ने एक की पहचान आदिल अहमद वानी उर्फ अबु इब्राहिम और दूसरे की पहचान शाहीन बशीर थोकर के तौर पर की है।

नौ उत्तर भारतीय जेलों में बंद जम्मू-कश्मीर के 120 से अधिक कैदियों को ईद पर घर फोन करने की अनुमति दी गई। ऐसा गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर हुआ। गृह मंत्री ने हाल ही में उन कश्मीरियों की एक सूची संकलित करने के निर्देश जारी किए थे जो विभिन्न जेलों में सलाखों के पीछे हैं ताकि उऩकी रियायत को बढ़ाया जा सके। इस बात की जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।

ईद के मौके पर तीन राज्यों- उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली की जेलों में बंद 122 कैदियों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ बात करने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने कहा कि कैदियों में से 106 यूपी की छह जेलों में जबकि 15 अन्य हरियाणा की जेलों में बंद हैं। हालांकि आतंक से संबंधित मामलों में बंद कैदियों को यह रियायत नहीं दी जाएगी।

अधिकारी ने कहा कि यह कोशिश कश्मीरी कैदियों और उनके परिवार की जिंदगी मे कुछ खुशियां लाने की थी। अन्य कैदियों के विपरीत, कश्मीर के कैदियों के पास तार्किक कारणों की वजह से कई आगंतुक नहीं आते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जो लोग आतंक से संबंधित मामलों में आरोपी नहीं है उनके प्रति सरकार सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने वाली है।

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुई मुठभेड़ का संदर्भ देते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘जो लोग आतंक से संबंधित मामलों में शामिल हैं उनके साथ क्या होता है वो आपने सुबह देखा।’ दरअसल, इस्लामिक स्टेट इन जम्मू कश्मीर के लिए काम करने वाले दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। जिसमें से सशस्त्र बलों ने एक की पहचान आदिल अहमद वानी उर्फ अबु इब्राहिम और दूसरे की पहचान शाहीन बशीर थोकर के तौर पर की है।



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