A Seventh Standard Student Developed A Robot For Contactless Delivery Of Medicine And Food – सातवीं कक्षा के बच्चे ने बनाया रोबोट, बिना संपर्क के दवाइयां और खाने की डिलिवरी

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरांगाबाद
Updated Fri, 29 May 2020 08:03 AM IST

सातवीं कक्षा के बच्चे ने बनाया रोबोट
– फोटो : ANI

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इस समय कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है, कहीं सरकार और कहीं व्यक्तिगत स्तर पर इंसान अपनी तरफ से कोरोना की लड़ाई में योगदान दे रहा है। महाराष्ट्र के औरांगाबाद में एक सातवीं कक्षा के बच्चे ने रोबोट बनाया है, जो बिना किसी के संपर्क में आए दवाइयों और खाने की डिलिवरी करेगा।

सातवीं कक्षा का बच्चा साई सुरेश रंगदाल ने मरीजो को दवाइयां और खाना देने के लिए एक रोबोट का विकास किया है जो बिना कॉन्टैक्ट में आए डिलिवरी करेगा। साई सुरेश ने बताया कि इस रोबोट का संचालन बैटरी से होगा, जिसे किसी भी स्मार्टफोन से नियंत्रित किया जाएगा।

महाराष्ट्र के औरांगाबाद में रहने वाले साई सुरेश ने रोबोट के बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि यह एक किलोग्राम तक भार ले जा सकता है। साई सुरेश रंगदाल ने कोरोना के मौजूदा हाल और बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रोबोट का विकास किया है।

साई सुरेश का कहना है कि रोबोट बनाने का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के संख्याबल को कम करना है ताकि उन लोगों में कोरोना फैलने का डर कम हो और संक्रमित मरीजों की संख्या पर भी रोक लग सके।

देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले डेढ़ लाख के पार पहुंच गए हैं और 4,700 से ज्यादा लोगों की सिर्फ कोविड-19 से मौत हो चुकी है। भारत ने दुनिया में कोरोना संक्रमित देशों की सूची में नौवें स्थान पर है।

सार

  • सातवीं कक्षा के बच्चे ने बनाया कॉन्टैक्ट लेस रोबोट
  • कोविड-19 मरीजों के कम से कम संपर्क में आने के लिए बनाया रोबोट
  • मरीजों को बिना किसी संपर्क के दवाई और खाने की करेगा डिलिवरी

विस्तार

इस समय कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है, कहीं सरकार और कहीं व्यक्तिगत स्तर पर इंसान अपनी तरफ से कोरोना की लड़ाई में योगदान दे रहा है। महाराष्ट्र के औरांगाबाद में एक सातवीं कक्षा के बच्चे ने रोबोट बनाया है, जो बिना किसी के संपर्क में आए दवाइयों और खाने की डिलिवरी करेगा।

सातवीं कक्षा का बच्चा साई सुरेश रंगदाल ने मरीजो को दवाइयां और खाना देने के लिए एक रोबोट का विकास किया है जो बिना कॉन्टैक्ट में आए डिलिवरी करेगा। साई सुरेश ने बताया कि इस रोबोट का संचालन बैटरी से होगा, जिसे किसी भी स्मार्टफोन से नियंत्रित किया जाएगा।

महाराष्ट्र के औरांगाबाद में रहने वाले साई सुरेश ने रोबोट के बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि यह एक किलोग्राम तक भार ले जा सकता है। साई सुरेश रंगदाल ने कोरोना के मौजूदा हाल और बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रोबोट का विकास किया है।

साई सुरेश का कहना है कि रोबोट बनाने का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के संख्याबल को कम करना है ताकि उन लोगों में कोरोना फैलने का डर कम हो और संक्रमित मरीजों की संख्या पर भी रोक लग सके।

देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले डेढ़ लाख के पार पहुंच गए हैं और 4,700 से ज्यादा लोगों की सिर्फ कोविड-19 से मौत हो चुकी है। भारत ने दुनिया में कोरोना संक्रमित देशों की सूची में नौवें स्थान पर है।





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