16 Bio-banks To Be Set Up To Keep Samples Of Corona Patients, Research Will Help – कोरोना रोगियों के नमूने रखने के लिए बनेंगे 16 जैव बैंक, शोध में मिलेगी मदद

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अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Updated Sun, 31 May 2020 05:59 AM IST

नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शोध तथा परीक्षणों को बढ़ावा देने के लिए देश में 16 जैव (बायो-रिपॉजिटरी) बैंक के लिए आईसीएमआर ने परिपत्र जारी किया है। इन बैंकों से कोरोना के लिए शोध, परीक्षण और संक्रमण की स्थिति का आकलन करने में शोधार्थियों को मदद मिलेगी।

इसमें संक्रमितों के नमूने सुरक्षित रखे जाएंगे। इन 16 जैव बैंकों में नौ आईसीएमआर, 4 डीबीटी और सीएसआईआर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत चार होंगे। यहां रोगियों के मुंह की लार, नाक द्रव, गला, फेफड़ा द्रव, थूक, रक्त, मूत्र और मल को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविषय में इलाज, चिकित्सा विज्ञान, टीके आदि विकसित करने के लिए उपयोग किया जा सके।

इन बैंकों का काम संक्रमण के लिए दवा की खोज, उपचार के तरीकों का विकास तथा वायरस की आक्रामकता का आकलन करने में मदद करना होगा। नमूनों का लाभ सरकारी और निजी दोनों शोधकर्ताओं और अनुसंधान संस्थाओं को मिल सकेगा। 

यहां बनेंगे जैव बैंक
यह हैं एनसीआर बायोटे साइंस सेंटर, टीएचएसटीआई फरीदाबाद, आरसीबी फरीदाबाद, वायरल सैंपल इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज भुवनेश्वर, इनस्टेम बंगलूरू और आईएलबीएस नई दिल्ली।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शोध तथा परीक्षणों को बढ़ावा देने के लिए देश में 16 जैव (बायो-रिपॉजिटरी) बैंक के लिए आईसीएमआर ने परिपत्र जारी किया है। इन बैंकों से कोरोना के लिए शोध, परीक्षण और संक्रमण की स्थिति का आकलन करने में शोधार्थियों को मदद मिलेगी।

इसमें संक्रमितों के नमूने सुरक्षित रखे जाएंगे। इन 16 जैव बैंकों में नौ आईसीएमआर, 4 डीबीटी और सीएसआईआर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत चार होंगे। यहां रोगियों के मुंह की लार, नाक द्रव, गला, फेफड़ा द्रव, थूक, रक्त, मूत्र और मल को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविषय में इलाज, चिकित्सा विज्ञान, टीके आदि विकसित करने के लिए उपयोग किया जा सके।

इन बैंकों का काम संक्रमण के लिए दवा की खोज, उपचार के तरीकों का विकास तथा वायरस की आक्रामकता का आकलन करने में मदद करना होगा। नमूनों का लाभ सरकारी और निजी दोनों शोधकर्ताओं और अनुसंधान संस्थाओं को मिल सकेगा। 

यहां बनेंगे जैव बैंक
यह हैं एनसीआर बायोटे साइंस सेंटर, टीएचएसटीआई फरीदाबाद, आरसीबी फरीदाबाद, वायरल सैंपल इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज भुवनेश्वर, इनस्टेम बंगलूरू और आईएलबीएस नई दिल्ली।



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